संयोजी ऊतक किसे कहते हैं परिभाषा, प्रकार (भेद) एवं उदाहरण

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जैसा कि हम सब जानते हैं सभी जीवित प्राणी या पौधे कोशिकाओं के बने होते हैं एक कोशिकीय जीव में सभी मौलिक कार्य एक ही प्रकार की कोशिका के द्वारा संपन्न होता है लेकिन बहुकोशिकीय जीवो में लाखों कोशिकाएं मौजूद होती हैं जो विभिन्न प्रकार के कार्य को करती हैं आज हम इस लेख में ऊतक के विषय में जानेंगे और विशेष रूप से संयोजी ऊतक किसे कहते हैं और इसके कार्य के बारे में जानेंगे

 

ऊतक क्या है

कोशिका का एक समूह जो किसी कार्य को एक साथ संपन्न करती है उत्तर कहलाता है फ्लोएम रक्त तथा पेशीय ऊतक के उदाहरण है

उत्तक को हम दो भागों में बांट सकते हैं

पादप ऊतक
जंतु ऊतक

आज हम इस लेख में जंतु ऊतक के विषय में जानेंगे

रक्त और पेशियों दोनों ही हमारे शरीर में पाए जाने वाले उत्तक के उदाहरण हैं उनके कार्य के आधार पर विभिन्न प्रकार के जंतु ऊतक होते हैं जैसे कि एपिथीलियम ऊतक संयोजी उत्तक पेशीय ऊतक तथा तंत्रिका ऊतक रक्त संयोजी ऊतक का एक प्रकार है तथा पेशी पेशीय ऊतक का उदाहरण है

 

 

संयोजी ऊतक किसे कहते हैं?

संयोजी उत्तक मानव शरीर में  अंगों को दूसरे अंगों से जोड़ने का कार्य करता है यह प्रत्येक अंगों में पाया जाता है यह उसको का एक विशिष्ट समूह है संयोजी ऊतक मुख्य रूप से अंगों को आच्छादित करना तथा उन्हें सही स्थान पर रखना है

इसकी कोशिकाएं शरीर के विभिन्न अंगों को आपस में जोड़ने या आधार देने का कार्य करती है जो कि मैट्रिक्स में ढीले रूप से पाई जाती है

इसके 2 अवयव होते हैं मैट्रिक और कोशिका

 

संयोजी ऊतक के प्रकार (Types of connective Tissues)

 

रक्त एवं लसीका

लाल रक्त कोशिकाएं श्वेत रक्त कोशिकाएं तथा प्लाज्मा में निलंबित रहते हैं इसमें प्रोटीन नमक से हार्मोन भी होते हैं रक्त बचे हुए भोजन हार्मोन कार्बन डाइऑक्साइड ऑक्सीजन शरीर की सुरक्षा का तापमान नियंत्रण का कार्य करता है रक्त जैसे शरीर के बचे हुए भोजन हार्मोन और उत्सर्जित पदार्थों को शरीर के एक भाग से दूसरे भाग में संवहन करता है

लसीका
रक्त का रंग हिना तरल पदार्थ जो रक्त कोशिकाओं द्वारा शंकर आता है

 

अस्थि

इसके अतः कोशीय स्थान में फास्फोरस के लवण भरे होते हैं जो अस्थि को कठोरता प्रदान करते हैं अस्थियाँ शरीर को निश्चित आकार प्रदान करती हैं इसका मैट्रिक ठोस होता है

 

उपास्थि

इसमें अंतकोशीय स्थान पर प्रोटीन व शकरा होती है जिससे यह लचीला का मुलायम होता है यह अस्थियो के चोरों को कितना बनाते हैं यह नाक कान कंठ नाखून आदि में पाई जाती है इसकी कोशिकाएं कोंडरोसाइट कहलाती है

 

एरिओलर ऊत्तक

यह पुस्तक त्वचा और मांसपेशियों के बीच रक्त नलिका के चारों ओर तथा नसों और अस्थि मज्जा में पाया जाता है

मुख्य कार्य
यह अंगों के भीतर की खाली जगह को भरता है आंतरिक अंगों को सहारा प्रदान करता है और ऊतकों की मरम्मत में सहायता करता है

 

वसामय ऊत्तक

वसा का संग्रहण करने वाला वसा में उतर स्वचा के नीचे आंतरिक अंगों के बीच पाया जाता है बरसात संग्रहीत होने के कारण यह पूछ लिया को चालक का कार्य भी करता है इसकी कोशिकाएं वसा की गोली गांव से भरी होती है

 

 घना तंतुमय संयोजी ऊत्तक

कण्डरा : यह अस्थि को पेशियों से जोड़ता है

स्नायु : यह अस्थि को अस्थि से जोड़ता है

 

संयोजी उत्तक की विशेषता

1)यह ऊतक रेशेदार होते हैं
2)प्राणियों के संयोजी ऊतकों का मुख्य घटक कॉलेजन नामक प्रोटीन है
3)यह अंगों को अंगों से जोड़ता है
4)यह तरल रूप में भी विद्यमान होता है
5)शरीर का लगभग 30% भाग संयोजी ऊतक द्वारा निर्मित होता है तथा यह कोशिका ऊतकों और अंगों के बीच रहता है

 

 

 

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